आठ साल बाद हुए छात्रसंघ चुनाव में लॉ की छात्रा ने 7,091 वोट हासिल कर दर्ज की ऐतिहासिक जीत, महिला उम्मीदवारों ने भी बढ़ाया प्रतिनिधित्व
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। विश्वविद्यालय के 105 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी महिला छात्रा ने छात्रसंघ के उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। लॉ की छात्रा नसरा नईम (Nashra Naim) ने शानदार जीत दर्ज करते हुए यह उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी जीत को विश्वविद्यालय परिसर में छात्र राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
गुरुवार, 5 नवंबर को हुए छात्रसंघ चुनाव के परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए। उपाध्यक्ष पद पर नसरा नईम को 7,091 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी साकिब अली खान को 5,818 वोट प्राप्त हुए। इस तरह नसरा ने 1,273 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इस पद के लिए कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे।
आठ साल बाद हुए चुनाव, महिला उम्मीदवारों ने भी दिखाया दम
AMU में छात्रसंघ चुनाव आठ साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुए। इस चुनाव में महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी खास रहा। कुल 13 पदों में से छह पदों पर महिलाओं ने जीत हासिल की। वहीं, 10 कैबिनेट सदस्य पदों में से पांच पद महिलाओं के खाते में गए। यह विश्वविद्यालय के छात्रसंघ में महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
गोरखपुर से है नसरा नईम का संबंध
नसरा नईम उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से संबंध रखती हैं और एएमयू में बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने शैक्षणिक पाठ्यक्रम को समय के अनुरूप बनाने और परिसर में विद्यार्थियों के आपसी संवाद एवं मेलजोल के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे उठाए थे। जीत के बाद उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय समर्थकों की मेहनत, समर्पण और छोटी टीम के सामूहिक प्रयास को दिया।
छात्रसंघ के अन्य पदों पर भी चुने गए नए चेहरे
चुनाव में अध्यक्ष पद पर मोहम्मद नोमान अशरफ ने 7,797 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 4,121 वोटों से हराया। वहीं, मानद सचिव पद पर मोहम्मद हमदान निर्वाचित हुए।
नसरा नईम की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि AMU के छात्रसंघ के इतिहास में महिला नेतृत्व की नई शुरुआत के रूप में दर्ज हो गई है। अब विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की निगाहें नए छात्रसंघ से जुड़ी उम्मीदों और उनके सामने मौजूद शैक्षणिक एवं छात्रहित के मुद्दों पर टिकी हैं।
(स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, पीटीआई एवं अन्य मीडिया रिपोर्ट्स)
