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Samvidhan Bachao Rally: देशभर में व्यापक अभियान चलाएगी कांग्रेस, 25 अप्रैल से ‘संविधान बचाओ रैली’

Samvidhan Bachao Rally

Samvidhan Bachao Rally: भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बाद कांग्रेस पार्टी अब एक और जन अभियान की शुरुआत करने जा रही है। पार्टी ने 25 अप्रैल से ‘संविधान बचाओ रैली’ शुरू करने का ऐलान किया है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय से जुड़े मुद्दों को आम जनता तक पहुंचाना है। शनिवार को कांग्रेस की एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि यह रैली एक तय कार्यक्रम के तहत पूरे देश में आयोजित की जाएगी। 25 से 30 अप्रैल के बीच विभिन्न राज्यों में संविधान बचाओ रैलियाँ आयोजित होंगी। इसके बाद, 3 से 10 मई तक जिला स्तर पर जनसभाएं होंगी, 11 से 17 मई तक विधानसभा स्तर पर रैलियों का आयोजन होगा और अंततः 20 से 30 मई तक “संविधान बचाओ अभियान” को घर-घर तक ले जाया जाएगा।

जयराम रमेश ने बताया कि यह रैली कांग्रेस द्वारा अहमदाबाद अधिवेशन में पारित प्रस्ताव “न्याय पथ: संकल्प, समर्पण, संघर्ष” को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार सामाजिक न्याय पर ज़ोर दे रहे हैं और इसी दिशा में पार्टी की यह पहल है। कांग्रेस की इस मुहिम के तहत सामाजिक न्याय की तीन मुख्य मांगें हैं—जातिगत जनगणना कराना, निजी शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना और आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को हटाना।

वहीं आर्थिक न्याय की दिशा में पार्टी की मांगें हैं—स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करना, किसानों की कर्जमाफी और बंद पड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को पुनर्जीवित करना।

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने को एक राजनीतिक साजिश बताया। खरगे ने कहा, “यह कोई संयोग नहीं है कि जब कांग्रेस अहमदाबाद में अधिवेशन कर रही थी, उसी समय ईडी की कार्रवाई शुरू हो गई। रायपुर में भी जब कांग्रेस का महाधिवेशन हुआ था, तब भी हमारे नेताओं पर ईडी और सीबीआई की कार्रवाई की गई थी। लेकिन हम न पहले झुके थे, न अब झुकेंगे।”

खरगे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अहमदाबाद अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के संदेश को गांव-गांव, जिला, मंडल, ब्लॉक और बूथ स्तर तक पहुंचाएं। उन्होंने इस अभियान को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एक निर्णायक लड़ाई बताया।

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