उन्नाव, कानपुर और लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर लगे गंभीर आरोप; डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गठित कराई तीन सदस्यीय जांच कमेटी, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
लखनऊ, 30 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में सील किए गए अस्पतालों को नाम बदलकर दोबारा संचालित कराने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। उन्नाव, कानपुर नगर और लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अस्पतालों को नए नाम से खुलवाने की प्रक्रिया में रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। इस मामले से जुड़ा कथित वीडियो भी सामने आया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ी नाराजगी जताई है और जांच के आदेश दिए हैं।
डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव को मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि धूमिल करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी सामने आए वीडियो और मीडिया में प्रकाशित खबरों की पड़ताल करने के साथ ही उन्नाव, कानपुर नगर और लखनऊ में लगाए गए आरोपों की भी जांच करेगी।
एक सप्ताह में शासन को सौंपनी होगी रिपोर्ट
डिप्टी सीएम ने जांच कमेटी को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भी शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
