क़ौमी रिपोर्टर:हिन्दी फिल्मों की दुनिया में अभिनेत्री बहनों (actress sisters) की एक लम्बी श्रृखंला रही है। जिनमें पद्मिनी-रागिनी, नूतन-तनूजा, जयश्री टी-मीना टी, डिम्पल कपाडिया-सिम्पल कपाडिया, फराह-तब्बू,.काजोल-तनीषा , शिल्पा शेट्टी -शमिता शेट्टी, प्रियंका चोपडा-परिणिती चोपड़ा, ट्विकंल खन्ना-रिंकी खन्ना, मलाइका अरोडा- अमृता अरोड़ा समेत और भी अभिनेत्री बहने रही है।

इन सबके बीच 1991 फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की पहली फिल्म सौगन्ध में अस्सी के दशक की अभिनेत्री भानुप्रिया की छोटी बहन शांतिप्रिया ने भी तमिल और तेलगु फिल्मों के साथ हिन्दी फिल्मों में कदम रखा। फिल्म सफल रही पर इसका पूरा फायदा अक्षय कुमार को मिला। उन्हे धडाधड एक्शन फिल्मे मिलने लगी। पर शांतिप्रिया को उनके बराबर फिल्म का क्रेडिट नहीं दिया गया।

लोकनृत्य कला में पारंगत शांतिप्रिया ने फूल और अंगार ( मिथुन चक्रवती), मेरे सजना साथ निभाना (मिथुन चक्रवर्ती) वीरता (सनी द्योल) मेहरबान (मिथुन चक्रवती), इक्के पे इक्का (अक्षय कुमार) के साथ बतौर अभिनेत्री काम किया। पर हिन्दी फिल्मों में बहुत अधिक सफलता मिलते न देख वह दक्षिण भारत की फिल्मों में फिर से फोकस करने लगी । इस बीच शांतिप्रिया का परिचय व्ही शांताराम के पोते सिद्धार्थ राय (जिन्होंने फिल्म ‘थोडी सी बेवफाई’ से अपना कैरियर शुरू करके बाजीगर, वंश, तिलक और मिलेट्री राज में काम किया) से हो गया और उनके साथ साथ 1999 में विवाह कर लिया।

अभी विवाह के पांच साल ही बीते थें कि 35 साल की शांतिप्रिया के पति सिद्धार्थ राय का हार्टअटैक के कारण 2004 में निधन हो गया। इस आघात ने शांतिप्रिया की दुनिया ही बदल दी। अपने दो बच्चों के पालन पोषण और जीवकोपार्जन के लिए उन्होंने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। अब वह अपने बच्चों के साथ ग्लैमर की दुनिया से दूर आंध्रप्रदेश के शहर राजा महेन्द्रवरम में अपनी जिंदगी गुजार रही हैं।
सीनियर जर्नलिस्ट,श्रीधर अग्निहोत्री की वाल से..
