रायबरेली 20 मई 2026: यहां एक ऐसा गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा है जो महिलाओं की गोद मे छोटा बच्चा देखकर पहले गिरोह की महिला सदस्य उससे दोस्ती करती है, फिर बच्चे को दुलार प्यार और अंत मे उसे लेकर फरार हो जाती है।
नगर कोतवाली पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई करते हुए इस गैंग को दबोच लिया है। नवजात बच्चों की चोरी और खरीद-फरोख्त करने वाले इस अंतर्राजीय गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार महिलाओं समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के कब्ज़े से 9 माह का अपहृत बच्चा भी सकुशल बरामद किया है। बच्चे के अपहरण में प्रयुक्त कार भी पुलिस जब्त कर ली है।
मामला बीती 13 मई का है। मध्य प्रदेश की रहने वाली महिला ट्रेन से लखनऊ जा रही थी। इस महिला की गोद मे एक नौ माह और दूसरा दो साल का बच्चा था। तभी एक अंजान महिला उससे सफर के दौरान घुल-मिलकर बातचीत करने लगी। अंजान महिला इसके बाद उसकी गोद के दोनों बच्चों को दुलार करने लगी।
बाद मे यही अंजान आरोपी महिला बहला फुसला कर उसके नौ माह के बच्चे को लेकर फरार हो गई। सीसीटीवी व सर्विलांस की मदद से पुलिस ने गिरोह तक पहुंच बनाई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अस्पतालों, गांवों और सार्वजनिक जगहों पर अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर नवजात बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचता था।
पुलिस के मुताबिक गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस ने इस मामले मे रामकुमार दास, रेशमा दास, किरणजीत कौर उर्फ सरदार आंटी, सुमित कुमार, संजय कुमार, ब्रह्मपाल सिंह, अर्चना, बबीता और हरिश्चंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने टीम को ₹25 हजार इनाम देने की घोषणा की है।
