Namaz Poster: ईद की नमाज के बाद, शाही ईदगाह के बाहर कुछ युवकों ने विवादित पोस्टर लहराए, जिसमें लिखा था, “सड़कों पर सिर्फ मुस्लिम नमाज नहीं पढ़ते हैं, बाकी आयोजन भी होते हैं।” इसके साथ ही कई लोग वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांधकर आए थे और कुछ ने फिलिस्तीन का समर्थन भी किया। पुलिस ने काली पट्टी बांधने वाले लोगों से उसे उतरवाया। इस घटना के बाद विवादित पोस्टर दिखाने वाले आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस ने टीम बना दी है और वीडियो फुटेज भी एकत्रित की है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की है।
इस घटना का विरोध हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने किया और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। शाही ईदगाह पर सोमवार सुबह नमाज पढ़ने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। नमाजियों की संख्या बढ़ने के बाद कुछ लोग शाही ईदगाह के गेट पर नमाज पढ़ने का प्रयास कर रहे थे, जिसे लेकर पुलिसकर्मियों के साथ उनकी नोकझोंक भी हुई।
इस दौरान, पुलिस ने नमाजियों से कहा कि वे ईदगाह के बाहर के अन्य स्थानों पर जाकर नमाज अदा करें। जगह की कमी के कारण पुलिस ने नमाजियों को पास की दरगाह में नमाज पढ़ने को भेजा, जहां दरगाह के गेट पर ताला लगा हुआ था। नमाजी सीढ़ी लगाकर दरगाह में पहुंचे और वहां नमाज अदा की।
मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि शहर भर में कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई है। पुलिस और प्रशासन की कोशिशों से यह स्थिति बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित पोस्टर के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है और आरोपियों की पहचान के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
