विशाल रावण दहन और राम-रावण युद्ध के मंचन ने बांधा समां, विजयादशमी पर बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का दिया संदेश
ऊंचाहार, रायबरेली। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व एनटीपीसी ऊंचाहार में पूरे उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया गया। रावण की नाभि में तीर लगते ही बुराई के प्रतीक दशानन का अंत हुआ और पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। इसके साथ ही आसमान में छूटी रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने काली रात को सप्तरंगी रोशनी से सराबोर कर दिया। विशाल रावण दहन का नजारा देखने के लिए जुटे लोगों ने इस भव्य आयोजन का भरपूर आनंद लिया।
राम-रावण युद्ध के मंचन ने मोहा मन, आतिशबाजी से जगमगाया आसमान
एनटीपीसी ऊंचाहार के स्टेडियम में आयोजित दशहरा समारोह में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला। राम-रावण युद्ध के भव्य मंचन ने उपस्थित दर्शकों को आकर्षित किया। जैसे ही प्रभु श्रीराम के बाण से रावण का अंत हुआ, पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इसके बाद हुई आकर्षक आतिशबाजी ने आसमान में रंगों की मनमोहक छटा बिखेर दी।
विशाल रावण दहन और आतिशबाजी का यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक उत्साह से सजे इस आयोजन ने विजयादशमी के महत्व को जीवंत कर दिया।
‘कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है दशहरा’
इस अवसर पर एनटीपीसी ऊंचाहार के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक बिस्व मोहन सिंह ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजयादशमी हमें अपने जीवन और कार्यक्षेत्र में सकारात्मकता, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि एनटीपीसी ऊंचाहार राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी से सामूहिक प्रयासों के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
सामूहिक प्रयासों से सफल हुआ आयोजन
दशहरा महोत्सव को सफल बनाने में एनटीपीसी प्रबंधन, मानव संसाधन विभाग, कर्मचारी यूनियन, कार्यकारी एसोसिएशन तथा पर्व आयोजन समिति 2026–27 के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयासों से कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ।
इस आयोजन ने एनटीपीसी परिवार और आसपास के जनसमुदाय को एक सूत्र में जोड़ते हुए भारतीय संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और सामूहिक एकता की भावना को मजबूत किया।
सकारात्मकता और नई ऊर्जा का संदेश दे गया विजयादशमी उत्सव
एनटीपीसी ऊंचाहार का दशहरा समारोह केवल रावण दहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने लोगों को अपने भीतर की बुराइयों को त्यागने, सत्य के मार्ग पर चलने और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संदेश भी दिया। आस्था, संस्कृति और एकता के संगम के रूप में आयोजित यह उत्सव लोगों के मन में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का संचार कर गया।
संदेश साफ है—बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और अच्छाई की ही होती है।
