आदित्य शुक्ला अमेठी, क़ौमी रिपोर्टर: यह दिलचस्प खबर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी से है। यहां गौरीगंज विधानसभा सीट से बीते 31 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा दे चुके विधायक राकेश प्रताप सिंह ने आज फिर अपने क्षेत्र की दो जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
गौरीगंज मुख्यालय स्थित आवास पर सपा विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया विधायक ने कहा कि मैं अपने क्षेत्र की दो जर्जर सड़के जिनमें कादूनाला थौरी मार्ग और मुसाफिरखाना पारा मार्ग शामिल हैं .
वे सड़के मेरे बड़े संघर्षों के बाद भी नहीं बनी मैंने सड़क से संसद तक अधिकारी से लेकर मंत्री और समिति तक मुद्दे को उठाया लेकिन उस सड़क का अब तक किसी जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया सपा विधायक ने कहा की लोग आए दिन उस सड़क पर ज़ख्मी होकर काल के गाल में समा रहे हैं मैं उसी सड़क का मुद्दा उठा रहा हूं.
आगामी सोमवार यानी 15 नवंबर को जिलाअधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 30 दिनों का अल्टिमेटम दूंगा अगर इस 30 दिनों के भीतर सड़क नही स्वीकृति हुई तो आम जनमानस और अपने समर्थकों के कलेक्ट्रेट का घेराव करूंगा
गौरतलब हो कि सपा विधायक बीते डेढ़ माह के अधिक समय से इन दोनों सड़कों का मुद्दा उठाकर लड़ाई लड रहे हैं एक दिन पहले सड़क पर समर्थकों संग श्रमदान कर रहे सपा विधायक को गिरफ्तार किया था बाद में उन्हें शांतिभंग करने में 151 का चालान कर छोड़ा गया था
जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी
पूरे मामले पर जब अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने किसी भी सवाल का समुचित जवाब देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई
क्या कहती है जनता
वहीं क्षेत्र के मुसाफिरखाना के राजू ओझा कहते हैं की विधायक जी का संघर्ष तो सही है लेकिन समय गलत है विधायक जी को जब हार का डर सता रहा है तो वे इस सड़क का मुद्दा उठा रहे हैं इसके पहले विधायक जी को क्षेत्र की अन्य जर्जर सड़कों को भी ध्यान देना चाहिए जिस सड़क का विधायक मुद्दा उठा रहे हैं वह सड़क 2017 के पहले समाजवादी पार्टी सरकार में ही बनाई गई थी तब विधायक जी को इस सड़क का ध्यान क्यों नहीं आया
