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बुलंदशहर की बेटी सबा हैदर ने अमेरिका में रचा इतिहास, 71.8 फीसदी वोट हासिल कर बनीं स्टेट रिप्रेजेंटेटिव

औरंगाबाद से अमेरिका तक का सफर, योग प्रशिक्षक से राजनीति के शिखर तक पहुंचीं सबा हैदर

अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया, इलिनॉय जनरल असेंबली में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई अप्रवासी महिला बनीं

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद कस्बे से पारिवारिक संबंध रखने वाली सबा हैदर ने अमेरिका में अपनी शानदार चुनावी जीत से देश का नाम रोशन किया है। अमेरिका के इलिनॉय राज्य में हुए चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार सबा हैदर ने 84वें डिस्ट्रिक्ट से स्टेट रिप्रेजेंटेटिव का चुनाव जीत लिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें 71.8 प्रतिशत वोट मिले और उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रायन स्कूबा को बड़े अंतर से पराजित किया। उनकी इस कामयाबी को अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

औरंगाबाद से जुड़ी हैं सबा की जड़ें

सबा हैदर का परिवार मूल रूप से बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद कस्बे के मोहल्ला सादात का रहने वाला है। उनके पिता सैयद अली हैदर उत्तर प्रदेश जल निगम में चीफ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सबा की शुरुआती शिक्षा गाजियाबाद में हुई। उन्होंने होली चाइल्ड स्कूल और आरसीसी गर्ल्स कॉलेज से पढ़ाई की। इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से वाइल्डलाइफ साइंसेज में एमएससी की पढ़ाई पूरी की। बताया जाता है कि वह अपनी पढ़ाई में गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं।

योग प्रशिक्षक से राजनीति तक का सफर

वर्ष 2005 में शादी के बाद सबा हैदर अमेरिका चली गईं। वहां उन्होंने योग प्रशिक्षक के रूप में अपना सफर शुरू किया। योग के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय समुदायों में भी अपनी पहचान बनाई। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी ने उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई।

2024 में भी दर्ज की थी शानदार जीत

सबा हैदर ने वर्ष 2024 में ड्यूपेज काउंटी बोर्ड के डिस्ट्रिक्ट-5 का चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। आधिकारिक चुनावी आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 40,330 वोट मिले थे, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी को 31,395 वोट प्राप्त हुए थे। इस जीत के बाद उन्होंने अमेरिकी राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत की। मार्च 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में भी उन्होंने 63.1 प्रतिशत वोट हासिल कर पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार बनने में सफलता प्राप्त की।

बड़ी जीत के साथ अमेरिकी राजनीति में नई पहचान

3 नवंबर 2026 को हुए आम चुनाव में सबा हैदर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रायन स्कूबा को करारी शिकस्त दी। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, उन्हें 22,032 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 8,906 वोट प्राप्त हुए। इस जीत के साथ वह इलिनॉय जनरल असेंबली में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई अप्रवासी महिला बनीं।

परिवार में खुशी, बुलंदशहर में गर्व का माहौल

सबा हैदर की ऐतिहासिक सफलता से उनके परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। उनके पिता सैयद अली हैदर ने बेटी की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गाजियाबाद स्थित उनके परिवार के आवास पर लोगों ने पहुंचकर बधाई दी और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।

बुलंदशहर के औरंगाबाद से जुड़ी पारिवारिक जड़ों वाली सबा हैदर की यह सफलता उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, मेहनत, सामाजिक सक्रियता और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर अमेरिका की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी कामयाबी ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती।

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