कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने कहा- एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर और दर्द चिकित्सा बेहतर उपचार व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग
रायबरेली, 16 अक्टूबर 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली में शुक्रवार को विश्व एनेस्थीसिया दिवस 2026 के अवसर पर समारोह आयोजित किया गया। एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मरीजों की सुरक्षा, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और गुणवत्तापूर्ण उपचार में एनेस्थीसिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन रहीं। इस अवसर पर अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और रेजिडेंट चिकित्सक उपस्थित रहे।
एनेस्थीसिया सेवाओं के साथ दर्द चिकित्सा और क्रिटिकल केयर पर जोर
अपने संबोधन में डॉ. अमिता जैन ने कहा कि एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग आधुनिक अस्पताल की महत्वपूर्ण इकाई है। इसकी भूमिका केवल ऑपरेशन के दौरान बेहोशी की दवा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज की सुरक्षा, गंभीर रूप से बीमार रोगियों की देखभाल और दर्द प्रबंधन में भी इसकी अहम भूमिका है।
उन्होंने बताया कि एम्स रायबरेली में एनेस्थीसिया के साथ क्रिटिकल केयर और पेन मेडिसिन यानी दर्द चिकित्सा की सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं। इन सेवाओं से मरीजों को व्यापक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित
समारोह की थीम “एनेस्थीसिया में ज्ञान से नवाचार की ओर अग्रसर: सुरक्षित शल्य चिकित्सा और स्वस्थ जीवन की दिशा में” रही। कार्यक्रम के दौरान विभाग की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण किया गया। एनेस्थीसिया सप्ताह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। इसके साथ ही अतिथि व्याख्यान, संकाय सदस्यों एवं रेजिडेंट चिकित्सकों का सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम में एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. जमील अब्दुल अलीम सहित विभाग के अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
समारोह का उद्देश्य एनेस्थीसिया, दर्द चिकित्सा और क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना तथा सुरक्षित शल्य चिकित्सा, बेहतर दर्द प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण मरीज देखभाल के प्रति चिकित्सा विशेषज्ञों को प्रोत्साहित करना रहा।
