लंदन से महंगे तोहफे भेजने का किया दावा, सीबीआई और मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़े जाने का डर दिखाकर ऐंठे लाखों रुपये; पीड़िता को जेवर तक बेचने पड़े, आरोपी फराज राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज
गोंडा, उत्तर प्रदेश। 12अक्टूबर 2026
सोशल मीडिया पर दोस्ती कर महंगे विदेशी तोहफे भेजने का झांसा देकर साइबर ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गोंडा जिले में इंस्टाग्राम के जरिए युवती से संपर्क कर जालसाजों ने उसके परिवार से कथित तौर पर करीब 40 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने कभी विदेशी गिफ्ट की डिलीवरी, कभी सीबीआई की कार्रवाई और कभी एयरपोर्ट पर पकड़े जाने का डर दिखाकर अलग-अलग किस्तों में रकम वसूली। हालात ऐसे हो गए कि पीड़ित परिवार को पैसे जुटाने के लिए अपने जेवर तक बेचने पड़े। मामले में पीड़िता की मां की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में फराज राजपूत नाम के युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, व्हाट्सएप तक पहुंची बातचीत
शिकायत के मुताबिक, गोंडा जिले के बनगाई बरवार गांव की रहने वाली चांदनी सिंह, पत्नी विजय सिंह, ने अपनी बेटी पायल सिंह के साथ हुई साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पायल की पहचान इंस्टाग्राम पर फराज राजपूत नाम के युवक से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और व्हाट्सएप पर संपर्क शुरू हो गया। इस दौरान कथित तौर पर +44 कोड वाले विदेशी नंबर का इस्तेमाल किया गया।
बताया गया कि पायल ने बातचीत के दौरान युवक को अपने जन्मदिन की तारीख 21 अगस्त बताई। इसके बाद आरोपी ने जन्मदिन पर महंगे विदेशी तोहफे भेजने की बात कही और कथित तौर पर गिफ्ट भेजने के बहाने पायल का आधार कार्ड हासिल कर लिया।
रानी हार, डायमंड रिंग और 50 हजार डॉलर का दिया लालच
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि उसने पायल के लिए रानी हार, डायमंड रिंग और 50 हजार अमेरिकी डॉलर नकद पार्सल के जरिए भेजे हैं। इसके बाद कथित तौर पर कूरियर एजेंट बनकर फोन करने वाले लोगों ने पार्सल छुड़ाने के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी।
शुरुआत में 10 हजार रुपये यूपीआई के जरिए जमा कराए गए। इसके बाद पार्सल को सीबीआई द्वारा पकड़े जाने और उसे छुड़ाने के लिए परमिशन लेटर की जरूरत बताकर कथित तौर पर दो लाख रुपये वसूल लिए गए। परिवार को उम्मीद थी कि रकम जमा करने के बाद महंगे तोहफे मिल जाएंगे, लेकिन ठगी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ता गया।
कूरियर गाड़ी के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर भी वसूले रुपये
आरोप है कि ठगों ने इसके बाद बाराबंकी के पास कूरियर गाड़ी का एक्सीडेंट होने की कहानी सुनाई। अलग-अलग यूपीआई स्कैनर के जरिए रकम जमा कराने के लिए कहा गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस बहाने करीब आठ लाख रुपये और ऐंठ लिए गए।
हर बार कोई नया बहाना बनाकर परिवार से पैसे मांगे जाते रहे। विदेशी गिफ्ट मिलने की उम्मीद में पीड़ित परिवार कथित तौर पर ठगों के झांसे में आता रहा और अपनी जमा-पूंजी गंवाता गया।
लंदन से लखनऊ आने का नाटक, मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़े जाने की कहानी
ठगी के इस कथित खेल में अगला मोड़ तब आया, जब फराज ने खुद के लंदन से लखनऊ आने की बात कही। आरोप है कि उसने बताया कि उसकी फ्लाइट मुंबई एयरपोर्ट पर रोक ली गई है और सीबीआई ने उसे पकड़ लिया है। साथ ही गिफ्ट का बिल छूट जाने और पेनल्टी भरने की बात कहकर चार लाख रुपये की मांग की गई।
पीड़िता की मां के मुताबिक, परिवार ने रकम जुटाने के लिए अपने जेवर तक बेच दिए और चार लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बावजूद न तो कथित विदेशी गिफ्ट मिला और न ही पैसों की मांग बंद हुई।
40 लाख गंवाने के बाद भी जारी है पैसों की मांग
शिकायत के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में परिवार से कुल करीब 40 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद भी उनसे अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके बाद पीड़िता की मां ने साइबर क्राइम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने फराज राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में ठगी की रकम, इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, यूपीआई खातों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जाना अहम होगा।
साइबर सुरक्षा संदेश: सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की दोस्ती, विदेश से महंगे गिफ्ट और पार्सल छुड़ाने के नाम पर मांगी जाने वाली रकम से सतर्क रहें। सीबीआई, कस्टम या एयरपोर्ट की कार्रवाई का डर दिखाकर निजी यूपीआई खातों में पैसे मांगना ठगी का संकेत हो सकता है। किसी भी भुगतान से पहले संबंधित एजेंसी से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।
