*हर एक रिसर्च के लिए 3-3 लाख की ग्रांट मंज़ूर
*रिसर्च एंड डेवलपमेंट स्कीम के तहत मंज़ूर हुई ग्रांट
*सूबे भर के 84 टीचर्स को उनके रिसर्च प्रपोजल पर दी गई ग्रांट
*इंस्टीट्यूट के मैनेजर विनोद सिंह ने ग्रांट हासिल करने वाले प्रोफेसर्स को दी मुबारकबाद
सुल्तानपुर, क़ौमी रिपोर्टर:उत्तर प्रदेश सरकार ने फाइनेंशियल इयर 2020-21 में सूूबे के सरकारी और ग्रांट वाले कालेजेस को, रिसर्च वर्क करने के लिए,रिसर्च एंड डेवलपमेंट स्कीम के तहत कुल दो करोड़ इक्कीस लाख रुपये की मंजूरी दी है। सूबे के कुल 84 टीचर्स को उनके रिसर्च प्रोपोजल पर ग्रांट दिया गया है। प्रदेश भर मे के.एन.आई.पी.एस.एस.के (KNIPSS) सर्वाधिक छः प्राध्यापकों को यह शोध अनुदान मिला है। प्रत्येक शोध हेतु तीन लाख रूपये की स्वीकृति है।
भूगोल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डाँ.डी.के.त्रिपाठी को सुलतानपुर मे आई.आर.एस.पी6 उपग्रह आँकडों के माध्यम से भूमि संसाधनों के संरक्षण पर,जूलोजी के एसोसिएट प्रोफेसर डाँ. आर.के.पांडेय को जलीय जंतुओं के प्राकृतिक आवासों मे कमी के कारणों पर,भौतिकी के डाँ.एस.पी.सिंह को आप्टिकल एंप्लीफायर के अनुप्रयोग पर,रसायन के डाँ. अवधेश सिंह को होमो एंड हेट्रो
आक्साइड के अनुप्रयोगों पर तथा जुलोजी के डाँ. आर.एन.सिंह को मत्स्य जैव विविधता पर कीटनाशकों का प्रभाव पर एवं रसायन शास्त्र के डाँ. पी.के.सिंह को भी अनुदान आबंटित हैं।
प्राचार्य डाँ. राधेश्याम सिंह ने बताया कि संस्थान की प्रगति एवं प्राध्यापकों की शोधपरकता हेतु यह वित्तीय संस्तुतियाँ मील की पत्थर साबित होंगी।
संस्था के प्रबंधक श्री विनोद सिंह, उप प्राचार्य डाँ. सुशील कुमार सिंह, महाविद्यालय शिक्षक संघ अध्यक्ष डाँ.वी.पी.सिंह, डाँ. आर.पी.सिंह के साथ सारे प्राध्यापकों ने अनुदान के लाभार्थी प्राध्यापकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
