कानपुर,क़ौमी रिपोर्टर: मुसलमान दूल्हों को शादी में निकाहनामे के साथ एक इकरारनामा पर भी साइन करना होगा।मुसलमानों में शादी के दौरान की जाने वाली फ़िज़ूल खर्ची और ग़ैर शरई रवायत को रोकने के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने पहल की है।यहां हुई बोर्ड की बैठक में ग्यारह प्वाइंट का एक इकरारनामा जारी किया गया है।
इस इकरारनामे को लेकर मुसलमानों को बेदार करने और इस पर अमल करने के लिए बोर्ड आइन्दा 6 अप्रैल तक एक खुसूसी कैम्पन चलायेगा जो आगे भी जारी रहेगा।कैंपेन के तहत मस्जिदों में नमाज़ के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी।शादी के वक़्त निकाहनामा के साथ इस ग्यारह प्वाइंट के इकरारनामे पर भी साइन करने के लिए मुस्लिम नौजवानों में बेदारी लाई जाएगी।
खास बात यह कि इस इकरारनामे को लेकर जमीअत ओलेमा समेत शिया और अहले हदीस ओलेमा भी एक राय हैं।
इस ग्यारह प्वाइंट में जो खास बातें शामिल हैं उनमें,इकरारनामे की दोनों फरीख गुज़ारिश करेंगे,जहेज़ की मांग नहीं करेंगे।
बारात की रस्म खत्म करके मस्जिदों में निकाह करेंगे,निकाह सादगी से होगा, दावत का इनतेज़ाम सिर्फ घरवालों और शहर के बाहर से आये लोगों के लिए होगा,ग़रीबों को खाना खिलाया जाएगा,शादी या वलीमे में आतिशबाजी का इस्तेमाल नही होगा,नाच गाना या डीजे से परहेज़ किया जाएगा और निकाह तय वक़्त पर होगा वगैरह।
