महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, रेल डिब्बों के निर्माण से लेकर AI तकनीक तक की दी जानकारी
रायबरेली, 22 अक्टूबर 2026। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका), रायबरेली में स्वच्छता ही सेवा विशेष अभियान-6 के अंतर्गत ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक रामन कृष्णन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में लालगंज क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय रेलवे की आधुनिक कार्यप्रणाली, रेल डिब्बों के निर्माण, तकनीकी नवाचार, यात्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से परिचित कराना रहा।
विद्यार्थियों के सवालों से जीवंत हुआ संवाद
कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने की कार्यप्रणाली, कोच निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं, आधुनिक मशीनों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी रेलवे से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।
संवाद के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रेल यात्रा में सुरक्षा एवं संरक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, बायो टॉयलेट और सतत विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने यह जानने में विशेष रुचि दिखाई कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से रेल डिब्बों की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था में किस प्रकार सुधार किया जा सकता है।
छात्र-छात्राओं ने दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं के लिए रेलवे की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी सवाल पूछे। इसके अलावा ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट की कार्यप्रणाली और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों की ओर से दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को भविष्य में विचार के लिए नोट किया गया।
हर साल 750 मिलियन लीटर जल संचयन की व्यवस्था
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आरेडिका में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। बताया गया कि कारखाने में वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, जल पुनर्चक्रण, पौधरोपण और हरित क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आरेडिका में प्रतिवर्ष लगभग 750 मिलियन लीटर जल के संचयन की व्यवस्था की जा रही है। यह पहल जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण है।
6.73 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में आरेडिका की उपलब्धियों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि कारखाने की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 6.73 मेगावाट है। सौर ऊर्जा के उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ बिजली खर्च में बचत करने में भी मदद मिल रही है।
विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने, एकल उपयोग प्लास्टिक से बचने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश भी दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सतत विकास के लिए जल और ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश
महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम भारतीय रेलवे की उपलब्धियों, आधुनिक तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं से युवाओं को परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम में प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी रूपेश श्रीवास्तव, मुख्य डिजाइन इंजीनियर कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक के सचिव डी.के. सक्सेना, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी नीरज श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अनिल श्रीवास्तव सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और रेलकर्मी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने ‘रेल जन संवाद’ को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें रेलवे की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधाओं को करीब से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी और भारतीय रेलवे के बीच संवाद का सार्थक मंच प्रदान किया।
