नजीबाबाद में डीएम-एसपी ने लाउडस्पीकर की कराई जांच, मानक से अधिक ध्वनि होने का आरोप; उपकरण जब्त
बिजनौर।10 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नजीबाबाद में मस्जिद के लाउडस्पीकर से अजान की तेज आवाज आने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। शनिवार को थाना समाधान दिवस में जा रहे जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई को रास्ते में लाउडस्पीकर पर अजान की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाउडस्पीकर की जांच कराई। निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि होने के आरोप में मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद फैजान को हिरासत में लिया गया। मामले में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही लाउडस्पीकर और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस, ध्वनि मानकों की जांच
जानकारी के मुताबिक, डीएम और एसपी को नजीबाबाद के मोहल्ला मकबरा स्थित नजीबुद्दौला मस्जिद से तेज आवाज सुनाई दी। यह मस्जिद जीआईसी इंटर कॉलेज के पास स्थित है। एसपी ने तत्काल नजीबाबाद थाना प्रभारी अमित कुमार मलिक को मौके पर बुलाया और मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर की जांच कराई।
जांच के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों से अधिक होने का आरोप लगाया गया। इसके बाद पुलिस ने मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद फैजान के खिलाफ कार्रवाई की। दरोगा सौरभ कुमार की तहरीर पर नजीबाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
मुअज्जिन को जेल भेजने की कार्रवाई, सिपाही निलंबित
मामले में मोहम्मद फैजान को शांतिभंग की आशंका में 14 दिनों के लिए जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, लाउडस्पीकर के मानकों का पालन किए जाने के संबंध में गलत रिपोर्ट देने के आरोप में नजीबाबाद थाने के बीट सिपाही ललित कुमार को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया।
जिले में पहले भी चला था अभियान
बिजनौर पुलिस इससे पहले सितंबर में भी ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अभियान चला चुकी है। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों से कुल 2,509 लाउडस्पीकर हटाए जाने की जानकारी दी गई थी। इनमें मस्जिदों से 1,323, मंदिरों से 1,116 और गुरुद्वारों से 70 लाउडस्पीकर हटाए गए थे।
गौरतलब है कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय ध्वनि की अधिकतम सीमा 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल निर्धारित है। धार्मिक स्थलों सहित अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।
