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महर्षि वाल्मीकि के विचार और आदर्श भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर: ब्रजेश पाठक

लखनऊ में वाल्मीकि प्राकट्योत्सव समारोह का आयोजन, उप मुख्यमंत्री ने जीवन एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

रामायण की शिक्षाएं आज भी समाज को मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण की देती हैं प्रेरणा

लखनऊ, 26 अक्टूबर 2026।

आदि कवि महर्षि वाल्मीकि के विचार, आदर्श और साहित्यिक योगदान भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी कालजयी रचना रामायण सदियों से समाज को सत्य, मर्यादा, त्याग, न्याय और मानवता का संदेश देती आ रही है। यह बात उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित वाल्मीकि प्राकट्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कही।

महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया। इस दौरान उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, आध्यात्मिक व्यक्तित्व, साहित्यिक योगदान और आदर्शों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया तथा उसका अवलोकन भी किया।

सत्य, करुणा और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं वाल्मीकि के विचार

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दर्शन सत्य, करुणा, सदाचार, सामाजिक समरसता और मानवता के शाश्वत मूल्यों का संदेश देता है। उनकी महान रचना रामायण भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अमूल्य ग्रंथ है। यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों को मर्यादित आचरण, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रही है।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं वर्तमान समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी प्राचीन काल में थीं। उनके आदर्शों को आत्मसात करके ऐसे समाज का निर्माण किया जा सकता है, जिसमें समानता, सद्भाव, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च स्थान मिले।

ज्ञान और साधना से समाज को मिलती है नई दिशा

ब्रजेश पाठक ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि ज्ञान, साधना और सकारात्मक विचारों के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान की जा सकती है। उनकी जयंती केवल उनके महान व्यक्तित्व और साहित्यिक विरासत को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का भी अवसर है।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि युगों-युगों तक स्मरण किए जाते रहेंगे। उनकी अमर कृति रामायण मनुष्य को जीवन जीने का सही तरीका सिखाती है और कर्तव्य, नैतिकता तथा आदर्श आचरण का मार्ग दिखाती है।

प्रदर्शनी के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की पहल

समारोह में आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन, आध्यात्मिक व्यक्तित्व, साहित्यिक योगदान और उनके द्वारा प्रतिपादित आदर्शों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य जनसामान्य को उनकी गौरवशाली विरासत से परिचित कराना तथा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और महान साहित्यिक परंपरा से जोड़ना रहा।

इस अवसर पर भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि, भाजपा अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री राजीव मिश्रा, उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम, वरिष्ठ पत्रकार संतोष कुमार वाल्मीकि, प्रोफेसर वरुण चांचड़, अभिषेक गुप्ता, पृथ्वीराज चौहान, दिनेश चंद्रा, राजेंद्र वाल्मीकि सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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