कौशांबी। 11अक्टूबर 2026
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन को लेकर सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। कौशांबी पहुंचे मौलाना ने प्रदर्शन कर रहे बच्चों और छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि वे कोई मुजरिम नहीं हैं, बल्कि अपने हक की आवाज उठा रहे हैं। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि बच्चे और छात्र देश का भविष्य हैं। आने वाले समय में यही युवा देश की बागडोर संभालेंगे। ऐसे में उनकी आवाज को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी मांगों को समझना और उन पर उचित कार्रवाई करना जरूरी है।
गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहा युवा
युवाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए मौलाना ने कहा कि आज का युवा गरीबी, बेरोजगारी और जिहालत जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में जब छात्र अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आवाज उठाते हैं, तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की मांगों और देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ संवाद किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में प्रयास किए जाएं।
मंझनपुर में मजलिस में हुए शामिल
कौशांबी दौरे के दौरान मौलाना यासूब अब्बास ने नगर पालिका मंझनपुर में मेंहदी हसन के यहां आयोजित मजलिस को भी संबोधित किया। इस दौरान दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को लेकर उनका बयान चर्चा में रहा।
मौलाना ने अपने बयान के जरिए सरकार का ध्यान छात्रों की समस्याओं और उनके अधिकारों की ओर आकर्षित करते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
