नौवें पूर्वांचल माटी महोत्सव एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए डिप्टी सीएम, अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का किया आह्वान
लखनऊ, 10 अक्टूबर, 2026
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि माटी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति, संस्कारों, विचारधारा और पहचान की संवाहक है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। हमें देश-दुनिया में कहीं भी रहें, अपनी जन्मभूमि और माटी को सदैव याद रखना चाहिए तथा अपने कार्यों और उपलब्धियों से उसका गौरव बढ़ाना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ स्थित संगीत नाटक अकादमी परिसर में आयोजित नौवें पूर्वांचल माटी महोत्सव एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवन की आपाधापी में लोग कई बार अपनी जन्मभूमि, गांव और शहर को याद करने का समय नहीं निकाल पाते, जबकि यही वह माटी है, जिसने उन्हें संस्कार दिए और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। हमारी पहचान हमारी जड़ों से है और हमारी सफलता उस मिट्टी के संस्कारों एवं सामर्थ्य का भी परिचायक है, जहां हमारा जन्म हुआ है।
उत्तर प्रदेश की माटी ने देश को दिए अनेक महापुरुष
ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश की माटी ने देश को अनेक महापुरुष, संत, विचारक, साहित्यकार, कलाकार और प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं। प्रदेश के लोगों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा से देश-विदेश में विशिष्ट पहचान बनाई है। आज उत्तर प्रदेश के युवा शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, उद्योग, व्यापार, कला, संस्कृति और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व होना चाहिए। व्यक्ति चाहे दुनिया के किसी भी हिस्से में कार्य करे, उसे अपनी माटी के संस्कारों और पहचान को नहीं भूलना चाहिए।
पूर्वांचल की संस्कृति में समाहित है एकता और समरसता का संदेश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल की माटी में समृद्ध सभ्यता, लोकपरंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और गौरवशाली इतिहास की सुगंध समाहित है। काशी की ज्ञान परंपरा, महापुरुषों की विचारधारा, लोकगीतों की मिठास और लोककलाओं की जीवंतता पूर्वांचल की विशिष्ट पहचान हैं। यहां की संस्कृति ने सदैव समाज को एकता, समरसता, परिश्रम और सेवा का संदेश दिया है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का माध्यम है माटी महोत्सव
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पूर्वांचल माटी महोत्सव जैसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने, प्रतिभाओं को सम्मानित करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से उन लोगों के योगदान को पहचान मिलती है, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, संघर्ष और समर्पण से समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में भी अपनी माटी के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना जरूरी है, ताकि युवा आधुनिकता के साथ अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को भी आत्मसात कर सकें। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जन्मभूमि, गांव और शहर की पहचान को अपने साथ लेकर चले। हमारी उपलब्धियां माटी की प्रतिष्ठा बढ़ाएं और हमारा आचरण हमारे संस्कारों का परिचय दे। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है।
कवियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान कविजन प्रशांत पांडे, राजकुमार सिंह, अशोक टाकरी, आलोक अनिल, पंकज प्रसून, सतेन्द्र कुमार कुंतल, हसन काज़मी और बृजनाथ यादव को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, पूर्वांचल माटी महोत्सव के संयोजक आसिफ आज़मी, ज्ञान प्रकाश सिंह, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, बनारस रॉयल फैमिली के प्रदीप नारायण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार प्रतीक त्रिवेदी, प्रदीप सिंह बब्बू और आनंद स्वरूप अग्रवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
