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गाजीपुर: स्कूल के प्ले ग्राउंड में टूटे बिजली के तार की चपेट में आया 7 वर्षीय छात्र, दर्दनाक मौत; परिवार का इकलौता बेटा था उत्कर्ष

परीक्षा देने स्कूल पहुंचा था मासूम, हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम; परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

गाजीपुर। 10 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक निजी स्कूल में बिजली का करंट लगने से सात वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा जंगीपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर छह स्थित सरस्वती नगर के डीएम पब्लिक स्कूल में हुआ। बताया जा रहा है कि स्कूल के प्ले ग्राउंड में टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से कक्षा तीन के छात्र उत्कर्ष गुप्ता की जान चली गई। घटना के बाद स्कूल परिसर से लेकर अस्पताल तक अफरा-तफरी का माहौल रहा, वहीं मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।

परीक्षा देने स्कूल पहुंचा था उत्कर्ष

जानकारी के मुताबिक, जंगीपुर के वार्ड नंबर छह निवासी दिलीप गुप्ता का सात वर्षीय बेटा उत्कर्ष गुप्ता शनिवार सुबह करीब आठ बजे परीक्षा देने डीएम पब्लिक स्कूल पहुंचा था। परीक्षा और प्रार्थना शुरू होने से पहले वह अन्य बच्चों के साथ विद्यालय परिसर में खेल रहा था। इसी दौरान सुबह करीब 8:20 बजे वह प्ले ग्राउंड में टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गया और करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया।

बताया गया कि घटना की जानकारी एक बच्चे ने परिजनों को दी। इसके बाद उत्कर्ष को इलाज के लिए गाजीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही का आरोप

मासूम की मौत के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यदि स्कूल परिसर में बिजली के तार की उचित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था होती, तो इस दर्दनाक हादसे को रोका जा सकता था। हालांकि, हादसे में जिम्मेदारी किसकी है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

उत्कर्ष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन अदिति भी है। जिस घर में बेटे के भविष्य को लेकर सपने संजोए जा रहे थे, वहां अब मातम पसरा हुआ है। मासूम की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

प्रधानाचार्य ने बंदरों को बताया तार टूटने की वजह

विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज गुप्ता के मुताबिक, रात में बंदरों के कारण बिजली का तार टूटकर प्ले ग्राउंड में गिर गया था। यह तार विद्यालय की चहारदीवारी के ऊपर लगाया गया था। इसी तार की चपेट में आने से छात्र को करंट लगा।

प्रधानाचार्य के इस बयान के बाद स्कूल परिसर में बिजली के तारों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, तार टूटने की परिस्थितियों और हादसे के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्चरी हाउस भेज दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सीओ सिटी अनिल कुमार के मुताबिक, पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विद्यालय परिसर में बिजली का तार कैसे टूटा, सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।

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