Bhanje Ki Bali: यूपी के रायबरेली में एक मासूम के माथे पर जले का निशान होना उसके लिये जानलेवा साबित हो गया। मासूम का रिश्ते में लगने वाला मामा तांत्रिक के कहने पर किसी ऐसे बच्चे की तलाश में था जो कलंकित हो अर्थात उसके शरीर पर कोई कटे जले का निशान हो।
बहुत दिमाग़ दौड़ाने के बाद उसे पास के गांव में रहने वाली अपनी रिश्ते की बहन का दस साल का बेटा याद आया जिसके माथे पर जले का निशान था। तांत्रिक ने कहा था कि अगर ऐसा कलंकित बच्चा मिल गया तो उसकी बलि देने से तुम्हे गड़े धन की प्राप्ति होगी। बस इसी लालच में कलयुगी मामा ने बेरहमी से क़त्ल कर दिया अपने ही भांजे का।
Bhanje Ki Bali: मामला सलोन थाना इलाके के राजापुर गांव का है। यहाँ के रहने वाले राकेश गौतम का दस साला बेटा सुधीर बीती 18 फ़रवरी को घर से चूरन लेने निकला और गायब हो गया था। अगले दिन 19 तारीख़ को सुधीर का शव पास के तालाब में उतराता हुआ मिला था। पुलिस ने मामले में तहकीकात की तो दिल दहलाने वाली घटना सामने आयी।
मासूम के हत्यारोपी दिलबाग गौतम को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने पूछताछ में जो बताया उससे इस वैज्ञानिक युग में भी अन्धविश्वास की फैली जड़ों का पता चलता है। दिलबाग़ गौतम ने बताया कि वह तांत्रिक गुड्डू बाबा के संपर्क में था। उसी दौरान उसकी मां की तबियत खराब हुई थी।
तब गुड्डू बाबा ने पानी फूंक कर दिया था। जिससे मां की तबियत ठीक हो गई थी। इस घटना से दिलबाग़ गौतम को गुड्डू बाबा पर और अधिक विश्वास हो गया था। तभी दिलबाग़ ने बाबा से अपनी खराब आर्थिक स्थिती को लेकर चर्चा की थी। तब बाबा ने कहा था कि अगर किसी कलंकित बच्चे को ला सको तो उसकी बलि देकर तुम गड़ा धन प्राप्त कर सकते हो।
दिलबाग़ को बहुत दिमाग़ दौड़ाने के बाद याद आया कि पास के गांव राजापुर में रहने वाली उसकी रिश्ते की बहन का एक बच्चा है जो कलंकित भी है अर्थात उसके माथे पर जले का निशान है। तब दिलबाग ने बीती 18 तारीख़ को सुधीर से कुछ दिलाने की बात की और उसे बहला कर ले साथ ले गया था। वहां तांत्रिक बाबा से मिलकर बच्चे की तालाब के किनारे बलि दे दी।
दिलबाग़ ने पूछताछ में बलि देने का जो तरीका बताया वह निहायत दर्दनाक था। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक दिलबाग़ ने बताया कि उसने बच्चे का हाथ पैर ज़ोरों से पकड़ लिया था और गुड्डू बाबा ने अपने साथ लाये चिमटे जैसे लोहे की रॉड से उसे कोंच कोंच कर मार डाला।
हत्या के बाद दोनों ने बच्चे का शव तालाब में फेक दिया और वापस लौट गए। उधर दिलबाग़ पर किसी को शक न हो इस खातिर वह खुद भी बच्चे के ढुढवाता रहा। हालांकि बाद में पुलिस नज़रों से वह बच नहीं सका और तांत्रिक समेत उसे दबोच लिया गया।
