संस्कृति

‘तीन तलाक़’ फेम अतिया साबरी के हक़ में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सहारनपुर, अशोक कश्यप, क़ौमी रिपोर्टर: तीन तलाक के खिलाफ आवाज़ बलन्द करने वाली अतिया साबरी (ATIA SABRI) के हक़ में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।कोर्ट ने सहारनपुर की अतिया साबरी को जहां 13 लाख 44 हजार गुजारा भत्ता देने का हुक्म दिया है वहीं 21000 रुपए हर महीने अतिया औऱ दोनों बेटियों को गुजारा भत्ता देने का फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तलाकशुदा अतिया साबरी और कुनबेवालों में खुशी का माहौल है। अतिया साबरी दोनों बेटियों के साथ बहुत खुश नजर आ रही हैं। जिस चेहरे पर पिछले 5 सालों से फिक्रमंदी कि लकीरें थी आज वहीं उसके चेहरे पर सालों बाद मुस्कान लौटी है।

अतिया साबरी ने कोर्ट के फैसले का इस्तेकबाल करते हुए जस्टिस नरेंद्र कुमार का शुक्रिया अदा किया है। सहारनपुर के कोतवाली मंडी इलाके के मोहल्ला आली की चुंगी की रहने वाली अतिया साबरी की शादी 2012 में उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के गांव सुल्तानपुर के रहने वाले वाजिद अली के साथ धूमधाम से हुुुई थी।

शादी की बाद अतिया ने दो बेटियों को जनम दिया था। अतिया का इल्जाम है कि बेटियों के जनम के बाद जहां ससुरालियों ने ताने मारने शुरू कर दिए वहीं शौहर ने भी नवंबर 2015 में यह कहकर तीन तलाक दे दिया कि बेटे क्यों पैदा नहीं किया। इतना ही नहीं जब अतिया ने तीन तलाक की मुखालफत की तो शौहर वाजिद अली ने मारपीट कर घर से निकाल दिया तभी से वह बेटियों को लेकर अपने मां बाप के साथ सहारनपुर में रह रही हैं।

अतिया साबरी ने वाल्दैन और कुनबे वालों की मदद से 24 नवंबर 2015 को अपने शौहर वाजिद अली और ससुरालियों के खिलाफ अदालत में शिकायत दाखिल की थी। अतिया ने बताया कि पति और ससुराल के लोग उसको रखने के लिए 20 लाख रुपये की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर उन्होंने अतिया को जहर देकर मारने की कोशिश भी की। लेकिन जैसे तैसे वह बचकर अपने मायके लौट आई। अतिया ने इसके खिलाफ अदालत में आवाज उठाई।

अतिया पढ़ी लिखी हैं और उर्दू समेत सोशलॉजी में एमए किया है।अतिया ने अपने शौहर के खिलाफ गुजारा भत्ते के लिए अदालत में रिट दाखिल की थी। शौहर वाजिद अली की आमदनी एक लाख माहवार बताते हुए अतिया ने कहा कि उसके नाम हीरो होंडा मोटरसाइकिल एजेंसी और 100 बीघा खेती की जमीन है।

अतिया ने अपने लिए 25 हजार जबकि दोनों नाबालिग बेटियों सादिया और सना के लिए 10-10 हजार हर महीने गुज़ारा भत्ते की मांग की थी।दोनों पार्टी की सुनवाई और काग़ज़ पर मिले सुबूतों के बिना पर जस्टिस नरेंद्र कुमार ने यह फैसला सुनाया। आतिय और उसकी बेटी सादिया और सना के लिए 7-7 हजार यानि कुल 21 हजार रुपये महीना गुजरा भत्ते के साथ पिछले 5 साल 4 महीने का 13 लाख 44 हजार रूपए गुज़ारा भत्ता देने का हुक्म दिया हैं।

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