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26 मार्च को रिलीज़ होगी राग, सरोज खान की ड्रीम प्रोजेक्ट थी यह फ़िल्म


मुम्बई (क़ौमी रिपोर्टर) बीते साल 2020 में कई फिल्मी हस्तियों की मौत हुई है, उनमें से एक बॉलीवुड की पहली खातून कोरियोग्राफर मरहूमा सरोज खान भी हैं। 40 से ज़्यादा तक के शानदार फिल्मी सफर में, उन्होंने 3000 से ज़्यादा गाने कोरियोग्राफ किए हैं।
सरोज खान के दिल से लगी कई फिल्मों में से एक फिल्म महामारी के कारण रिलीज़ नहीं हो पायी। फिल्म का नाम ‘राग’ है और यह बेदिया समुदाय पर आधारित है जो मध्य प्रांतों में पाया जाता है ‘राई’ के कलाकारों कि तरह गायन और नृत्य करते है। यह समुदाय अब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के राज्यों में पाया जाता है।

दिवंगत कोरियोग्राफर के सभी चाहनेवालो के लिए अच्छी खबर यह है कि यह फिल्म अब 26 मार्च 2021 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। यह फिल्म बेदिया समुदाय की एक लड़की मधु की कहानी जो शिक्षा से बदलाव लाने के लिए उसके विद्रोह को प्रदर्शित करती है। मधु को कैसे हालातों का सामना करना पडता हैं यह कहानी का बाद का हिस्सा दिखाता है ।

अरविंद त्रिपाठी ने जो प्रोजेक्ट किया है उसमें राजपाल यादव, राकेश बेदी, सुधा चंद्रन, मोहन जोशी, यशपाल शर्मा, मिलिंद गुणाजी, मनीषा मरजारा आदि जैसे कलाकार शामिल हैं।

निर्माता पीयूष मुंधड़ा ने इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए कहा, “पिछले साल महामारी के कारण सिनेमाघर ठप होगए थे। महामारी के दौरान, हमने सरोज जी को भी खो दिया – वह हमारी परियोजना की रीढ़ थीं। कोरियोग्राफी की कहानी फाइनालाइज करने से लेकर फिल्म में आइटम नंबर का समावेश करने के सुझाव और उनकी पसंदीदा छात्रों में से एक हीना पांचाल को कास्ट करने तक सरोज जी ने हमारी बहोत हेल्प कियी है।

हमारी पूरी कोशिशों के बावजूद सरोज जी के जिवित रहते हम वह फिल्म रिलीज नहीं कर पाए। हालाँकि, अब हम इसे 26 मार्च 2021 को रिलीज़ कर रहे हैं, और यह फिल्म महान आत्मा को हमारी श्रद्धांजलि है। यह दिवंगत कोरियोग्राफर का मरणोपरांत सिनेमाघरों में रिलीज होने वाले पहला काम भी है। अगर वह जिवित होती, तो उन्हें बहुत गर्व होता; हालांकि, उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है।

क्या राग फिल्म के गाने हवा हवाई, एक दो तीन तम्मा तम्मा लोगे या धक् धक् करने लगा जैसे गानों की तरह जादू चला पाएंगे यह तोह दर्शक ही तय करेंगे। फिल्म के गाने ममता शर्मा, मोहित चौहान, पलक मुच्छल, रघुवीर यादव, रेखा राव, शान और शबाब साबरी द्वारा गाए गए हैं और संगीत टी-सीरीज़ पर है; फिल्म ‘सामाजिक नाटक’ शैली की है.

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