उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में HIS के तहत सबसे अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने पर मिला सम्मान, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में संस्थान ने बनाई अलग पहचान
रायबरेली। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सूचना प्रणाली (HIS) के तहत सर्वाधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार करने के लिए एम्स रायबरेली को ‘आयुष्मान मेधा 2026’ में प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्थान की डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता और आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल का प्रमाण है।
लखनऊ में आयोजित समारोह में मिला सम्मान
‘आयुष्मान मेधा 2026’ का आयोजन लखनऊ में किया गया। यह कार्यक्रम आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), उत्तर प्रदेश और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, उत्तर प्रदेश की संयुक्त पहल पर आयोजित हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ सिस्टम को प्रोत्साहित करना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना था।
मरीजों के इलाज को अधिक व्यवस्थित और सुलभ बनाने में मिलेगी मदद
एम्स रायबरेली को मिला यह पुरस्कार स्वास्थ्य सूचना प्रणाली के माध्यम से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने में संस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देता है। EHR के जरिए मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित और व्यवस्थित रखी जाती है। इससे उपचार के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंच आसान होती है और मरीजों की देखभाल में निरंतरता, बेहतर समन्वय तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलती है।
डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में टीमवर्क का परिणाम
इस उपलब्धि के पीछे संस्थान की क्लिनिकल, नर्सिंग, तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक टीमों का सामूहिक योगदान रहा। कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में इन सभी टीमों ने डिजिटल स्वास्थ्य प्रक्रियाओं को अपनाने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधान सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने किया सम्मानित
समारोह की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वी. हेकाली झिमोमी (IAS) ने एम्स रायबरेली को यह पुरस्कार प्रदान किया। संस्थान की ओर से अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव ने पुरस्कार ग्रहण किया।
कार्यक्रम में नेशनल हेल्थ अथॉरिटी, स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों और अधिकारियों की भी सहभागिता रही।
एम्स रायबरेली की यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और मरीजों को अधिक बेहतर, सुलभ एवं व्यवस्थित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
