Bengal Me Bawal: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज इलाके में वक्फ कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार को भी इसी मुद्दे पर हिंसा भड़की थी, जिसमें अब तक 118 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, और कुछ इलाकों में बीएसएफ की मदद भी ली गई। स्थिति को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है।
भीड़ ने की पिता-पुत्र की हत्या
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार दोपहर शमशेरगंज के जाफराबाद इलाके में हालात तब और बिगड़ गए जब हिंसक भीड़ ने गांव पर धावा बोल दिया। इस दौरान एक ही परिवार के पिता और पुत्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
नमाज के बाद भड़का प्रदर्शन
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग वक्फ कानून के विरोध में सड़क पर उतर आए। धूलियन इलाके में प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया, पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरबाजी की और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हिंसा में कम से कम 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए मस्जिद में छिपना पड़ा। शनिवार को हिंसा धूलियन तक फैल गई, जहां एक व्यक्ति को गोली लगने की भी खबर है।
सियासत भी गर्माई
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा: “जिस कानून को लेकर लोग नाराज हैं, वो हमने नहीं बनाया है। यह केंद्र सरकार का कानून है और हमने साफ कहा है कि यह बंगाल में लागू नहीं होगा। फिर यह दंगा किसलिए?”
वहीं भाजपा ने ममता सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा हमला किया। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा: “अगर भाजपा सत्ता में आई तो इस तरह की गुंडागर्दी और अल्पसंख्यकों की हिंसा को सिर्फ पांच मिनट में खत्म कर देंगे।”
