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एम्स रायबरेली में बांझपन के निदान और उपचार पर राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित

‘जेनोविया-ISAR नेशनल पीजी टीचिंग इनिशिएटिव’ में IVF विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक जांच और उपचार के तरीके, मेडिकल छात्रों व चिकित्सकों ने लिया हिस्सा

रायबरेली 01नवम्बर 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से बांझपन (इनफर्टिलिटी) विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम ‘जेनोविया-ISAR नेशनल पीजी टीचिंग इनिशिएटिव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बांझपन: बेसिक से एडवांस तक’ (Infertility: From Basic to Advanced) रहा। इसमें चिकित्सा विशेषज्ञों ने बांझपन के कारणों, जांच, निदान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. पारुल सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अपला रहीं। इसका उद्देश्य प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के परास्नातक विद्यार्थियों की शैक्षणिक और क्लिनिकल समझ को बेहतर बनाना तथा बांझपन के निदान एवं उपचार में साक्ष्य आधारित चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में एम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बांझपन जैसे महत्वपूर्ण प्रजनन स्वास्थ्य विषय पर इस तरह के शैक्षणिक आयोजन चिकित्सा विशेषज्ञों को नवीनतम तकनीकों और उपचार पद्धतियों से अपडेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलती है।

वहीं, एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर अमिता जैन ने आयोजन टीम को शुभकामनाएं देते हुए इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बांझपन जैसे प्रासंगिक स्वास्थ्य विषयों पर चिकित्सकों के लिए ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं।

कार्यक्रम में लखनऊ की IVF विशेषज्ञ डॉ. वरदा अरोड़ा, डॉ. आंचल गर्ग और डॉ. अमृता सिंह ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने बांझपन की शुरुआती जांच और उपचार से लेकर एडवांस रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी तथा असिस्टेड रिप्रोडक्टिव तकनीकों के विभिन्न पहलुओं पर अपने क्लिनिकल अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर एम्स रायबरेली के मेडिकल छात्रों, परास्नातक विद्यार्थियों और निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने सवाल रखने, क्लिनिकल अनुभव साझा करने और प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकासों को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का समापन चिकित्सा शिक्षा में निरंतर सीखने, विशेषज्ञों के बीच सहयोग और बांझपन के उपचार की गुणवत्ता में सुधार के संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन एम्स रायबरेली की चिकित्सा शिक्षा, शोध और बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

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