अन्य

लखनऊ में बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों का प्रदर्शन तेज, वेतन में भेदभाव के खिलाफ सड़क पर उतरे चिकित्सक

40 दिनों से जारी आंदोलन, समान काम के लिए समान वेतन और बकाया एरियर की मांग; पुलिस के हटाने के प्रयास के दौरान बनी तनावपूर्ण स्थिति

लखनऊ, 13 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। वेतन में कथित भेदभाव, बकाया एरियर के भुगतान और सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पर अमल की मांग को लेकर डॉक्टर पिछले करीब 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने के पुलिस के प्रयास के दौरान तनाव की स्थिति बन गई।

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि समान योग्यता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के बावजूद सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर तैनात बॉन्डेड डॉक्टरों के वेतन में अंतर है। उनकी मांग है कि इस विसंगति को दूर कर सभी पात्र चिकित्सकों को समानता के आधार पर वेतन दिया जाए।

समान काम, समान वेतन की मांग

आंदोलनरत डॉक्टरों ने वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने और बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें वेतन के मामले में असमानता का सामना करना पड़ रहा है।

डॉक्टरों का आरोप है कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक उनकी अपेक्षा के अनुरूप ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उन्होंने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।

आश्वासन के बाद भी शासनादेश का इंतजार

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 2 सितंबर को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि, डॉक्टरों का दावा है कि 13 अक्टूबर तक उनकी मांगों के संबंध में शासनादेश जारी नहीं हुआ था। उनका कहना है कि जब तक वेतन विसंगति दूर करने और बकाया भुगतान को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा।

पुलिस के हटाने के प्रयास पर बढ़ा तनाव

मंगलवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने डॉक्टरों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहन के सामने लेट गए, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

डॉक्टरों का आंदोलन कई सप्ताह से जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी कर रहे थे। आंदोलन के लंबा खिंचने के साथ ही अब सरकार की ओर से ठोस निर्णय लिए जाने की मांग तेज हो गई है।

सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों के आंदोलन का मुख्य मुद्दा वेतन में समानता, बकाया एरियर और मांगों पर सरकारी स्तर पर कार्रवाई है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर क्या निर्णय लेती है और आंदोलन समाप्त कराने के लिए कोई ठोस पहल होती है या नहीं।

नोट: वेतन के अंतर, आश्वासन और शासनादेश से संबंधित बिंदु प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के दावों पर आधारित हैं। प्रकाशन से पहले संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष और नवीनतम स्थिति भी प्राप्त कर लेना उचित होगा।

संबंधित पोस्ट

अन्तर्राष्ट्रीय चलचित्र महोत्सव में वयम फ़िल्म की हुई सराहना

Qaumi Reporter

सीएम की उच्च स्तरीय बैठक: कोविड संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश में विशेष सतर्कता के निर्देश

Qaumi Reporter

खनन सचिव माला श्रीवास्तव के औचक निरीक्षण से बालू बेल्ट में हड़कंप, अवैध खनन की शिकायत पर सीधे की छापेमारी

Qaumi Reporter

Leave a Comment