दिलीप चौधरी
क़ौमी रिपोर्टर:रायबरेली की हाइटेक पुलिस ने बैंक आफिसर की हत्या का आधा अधूरा खुलासा कर दिया है। डेढ़ सौ सीसीटीवी फुटेज,मृतक व आरोपी के बीच कॉल रिकॉर्डिंग और एसओजी समेत आठ टीमें लगाने के बाद भी पुलिस महज़ भाड़े के हत्यारों को ही पकड़ सकी। हत्या की साज़िश रचने वाला नगीना सिंह अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस ने नगीना सिंह पर 25 हज़ार का इनाम घोषित कर खुद की इमेज बचाने का काम किया है।
क्या था मामला
बीती 11 जनवरी को मिल एरिया थाना इलाके में बैंक ऑफ बड़ौदा के आफिसर की हत्या हुई थी। आफिसर जय प्रकाश पाल डीह शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर तैनात थे। कानपुर के रहने वाले प्रबंधक मिल एरिया थाना इलाके के जलसा के जलसा लॉन के पीछे किराए पर रहते थे।
कैसे हुई हत्या
बीती 11 जनवरी को जय प्रकाश की हत्या तब हुई जब वह बैंक से लौट कर कार पार्क कर रहे थे। उसी दौरान पीछे से पहुंचे हत्यारों ने जय प्रकाश पाल पर कई फायर किए। हत्या के बाद शूटर वहां से फरार हो गए। रात भर किसी को जय प्रकाश पाल की मौत का पता ही नहीं चला। सुबह आस पड़ोस के लोगों ने शव पड़ा देख कर पुलिस को सूचना दी।
क्यो हुई हत्या
पुलिस के मुताबिक जय प्रकाश की आरोपी नगीना से दोस्ती थी। नगीना ने उसे लखनऊ में प्लाट दिलाने के नाम पर कई लाख रुपये ले लिए थे। बाद में प्लाट न मिलने पर जय प्रकाश ने अपने पैसे वापस मांगे तो वह टाल मटोल करने लगा। जय प्रकाश पाल के ज़्यादा दबाव डालने पर नगीना ने उसकी हत्या की योजना बना डाली। नगीना ने इसके लिए दो पेशेवर शूटर हायर किये और दस दिन की रेकी के बाद घटना को अंजाम दे दिया गया।
कैसे पकड़े गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक सीओ सदर के नेतृत्व में बनाई गई पुलिस की आठ टीमों ने इस पर काम करना शुरू किया। आस पास के लगभग डेढ़ सौ सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई। आरोपी नगीना और मृतक जय प्रकाश पाल के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस के हाथ लगी। इन्ही के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर भाड़े के दोनों शूटर आकाश सिंह और दयाराम को गिरफ्तार कर लिया है।वही मुख्य आरोपी नगीना सिंह पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस ने अपनी छवि बचाये रखने के लिए फिलहाल नगीना सिंह पर 25 हज़ार का इनाम घोषित कर दिया है
