आनंद मिश्रा, क़ौमी रिपोर्टर: कोल्हापुर के कार मैकेनिक इम्तियाज़ मोमिन (CAR MECHANIC IMTIYAZ) ने उस वक़्त लोगों को हैरत में डाल दिया, जब उन्होंने एक हेलिकॉप्टर में आये फाल्ट को दुरुस्त कर दिया। CAR MECHANIC IMTIYAZके इस कारनामे के बाद हेलिकॉप्टर हवा से बातें करता उड़ चला। मोमिन ने हेलिकॉप्टर में आई कमी को दुरुस्त कर उसके मालिक को एक बड़ी परेशानी से बचा लिया।
मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर का है। इंडिया टुडे के मुताबिक यहां शैक्षिक ग्रुप के मालिक डॉ. डी वाई पाटिल के घर उनके बिज़नेस से जुड़े कुछ लोग आए थे। डी वाई पाटिल के मित्र निजी हेलिकॉप्टर से यहां पहुंचे थे, जिसे उनके आवास पर ही लैंड कराया गया था। चलने का समय हुआ, तो पायलट इंजन स्टार्ट करने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह नहीं चल रहा था।
पायलट की जानकारी पर डॉक्टर डी वाई पाटिल के मित्र ने चेन्नई स्थित हेलीकॉप्टर सर्विस कंपनी से मदद मांगी। उन्हें बताया गया कि इंजीनियर को पहुंचने में दो घंटे लगेंगे। इसी बीच किसी ने डॉक्टर डी वाई पाटिल को इम्तियाज़ और यूसुफ मोमिन बंधुओं की मदद लेने की सलाह दी। कोल्हापुर में कार गैरेज चलाने वाले बंधु (CAR MECHANIC IMTIYAZ) तब चर्चा में आये थे, जब इन लोगों ने एक पुरानी कर को मोडिफाई करके पानी के अंदर चलने वाली बना दी थी।
डॉक्टर डी वाई पाटिल के कर्मचारी जब मोमिन बंधुओं (CAR MECHANIC IMTIYAZ) से बिगड़े हेलीकॉप्टर को दुरुस्त करने की दरख्वास्त करते हैं तो उन्हे पहली बार में सब कुछ मज़ाक जैसा लगा। बाद में जब उन्हें यकीन दिलाया गया कि बिगड़े हुए हेलीकॉप्टर को बनाने में सचमुच उनकी मदद दरकार है तो वह तैयार हो गए।
इम्तियाज़ मोमिन (CAR MECHANIC IMTIYAZ) ने बारीकी से हेलीकॉप्टर का मुआयना किया तो पहली नज़र में इंजिन तक इलेक्ट्रिकल सप्लाई ही न पहुंच पाने की कमी नज़र आई।इम्तियाज़ ने इलेक्ट्रिकल सर्किट को फॉलो करते हुए देखा कि सप्लाई एक पॉइंट पर इन्सुलेट हो गई थी जहां से सप्लाई आगे नहीं जा रही थी।
इम्तियाज़ ने इसी पॉइंट को क्लियर किया तो सप्लाई इंजिन तक पहुंचने लगी और पायलट की पहली कोशिश में ही इंजिन स्टार्ट हो गया। पायलट ने पहले ट्रायल टेक ऑफ लिया और बाद में फाइनली चेन्नई के लिए सफल उड़ान के बाद अपने गंतव्य तक पहुंच गया।
