नौकरी छोड़ अपने शहर में शुरू किया कारोबार, बहनों और पति के साथ खड़ा किया फैशन ब्रांड; वित्त वर्ष 2024-25 में 2 करोड़ रुपये तक पहुंचा कारोबार
मऊ, उत्तर प्रदेश। हौसला, हुनर और मेहनत के दम पर छोटे शहर से निकलकर देश के बड़े कारोबारी मंच तक पहुंचने वाली महिलाओं में उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की आसमा नफीस अंसारी का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने हिजाब को अपनी पहचान और ताकत बनाते हुए नकाब, हिजाब और अबाया जैसे महिलाओं के परिधानों को अपने कारोबार का आधार बनाया और ‘ANA Apparels’ नाम से एक फैशन ब्रांड खड़ा किया। उनकी सफलता की कहानी बताती है कि सही योजना, रचनात्मक सोच और लगातार प्रयास से छोटे शहर में रहकर भी बड़ा कारोबार खड़ा किया जा सकता है।
फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई के बाद बदली अपनी राह
आसमा नफीस अंसारी ने कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2017 में उन्हें संस्थान से बेस्ट ग्रेजुएशन अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने गुरुग्राम में एक बच्चों के कपड़ों के ब्रांड के साथ डिजाइनर के रूप में काम किया।
हालांकि, नौकरी के दौरान पहनावे को लेकर असहज टिप्पणियों का सामना करने के बाद उन्होंने अपने करियर और आत्मसम्मान को लेकर नए सिरे से विचार किया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने गृह जनपद मऊ लौटने और खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने अपने पहनावे को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी पहचान और रचनात्मकता की ताकत बनाने का निर्णय लिया।
2020 में रखी ANA Apparels की नींव
आसमा ने अक्टूबर 2020 में ‘ANA’ ब्रांड की शुरुआत की। इस ब्रांड के जरिए उन्होंने महिलाओं के लिए शालीन, आरामदायक और आधुनिक डिजाइन वाले परिधान तैयार करने पर ध्यान दिया। उनके उत्पादों में अबाया, हिजाब, नकाब और अन्य मॉडेस्ट वियर शामिल हैं।
शुरुआत में यह एक छोटा कस्टमाइज्ड प्रोजेक्ट था। धीरे-धीरे उनकी दो बहनें जोहरा नफीस और बुशरा नफीस भी कारोबार से जुड़ गईं। परिवार के सहयोग से उन्होंने सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, के माध्यम से अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाना शुरू किया। बाद में उनके पति जीशान करीम भी कारोबार के प्रबंधन में शामिल हो गए।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के सहारे ब्रांड को देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में भी ग्राहकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कंपनी से संबंधित प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इस कारोबार से 30 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
39 लाख से 2 करोड़ रुपये तक पहुंचा राजस्व
आसमा की कारोबारी यात्रा की खास बात कंपनी के राजस्व में हुई वृद्धि है। ‘आवाज द वॉयस’ की 15 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ANA Apparels का राजस्व वित्त वर्ष 2022-23 में 39 लाख रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
यह वृद्धि दिखाती है कि विशेष जरूरतों और पसंद पर केंद्रित फैशन कारोबार को डिजिटल माध्यमों, कस्टमाइजेशन और ग्राहकों की मांग के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, राजस्व का आंकड़ा कंपनी की कुल बिक्री को दर्शाता है, इसे शुद्ध मुनाफा नहीं समझना चाहिए।
तीन बार असफलता, फिर शार्क टैंक इंडिया तक पहुंचीं
आसमा के लिए सफलता का रास्ता आसान नहीं रहा। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, उनके ब्रांड का आवेदन लगातार तीन बार अस्वीकार हुआ। इसके बावजूद उन्होंने प्रयास जारी रखे और अपने डिजाइन तथा कारोबारी प्रस्तुति में सुधार किया। आखिरकार उन्हें लोकप्रिय कारोबारी रियलिटी शो ‘शार्क टैंक इंडिया’ में अपना बिजनेस मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
इस मंच पर पहुंचना उनके लिए अपने कारोबार को देशव्यापी पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा। हालांकि, उपलब्ध कारोबारी रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें इस मंच पर निवेशकों से निवेश का प्रस्ताव नहीं मिला। इसके बावजूद उनकी उद्यमशीलता की यात्रा उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के साथ अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
छोटे शहर की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आसमा नफीस अंसारी की कहानी केवल एक फैशन ब्रांड की सफलता तक सीमित नहीं है। यह परिवार के सहयोग, डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल, अपने हुनर पर भरोसे और असफलताओं के बाद भी आगे बढ़ने की मिसाल है। उन्होंने हिजाब को अपनी राह की रुकावट नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी पहचान, आत्मविश्वास और कारोबार की ताकत में बदल दिया।
मऊ जैसे शहर से शुरू हुआ उनका कारोबार यह संदेश देता है कि उद्यमिता के लिए बड़े महानगर में रहना ही जरूरी नहीं है। बाजार की जरूरत को समझकर, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करके और ग्राहकों के साथ भरोसे का रिश्ता बनाकर छोटे शहरों से भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
स्रोत: ‘आवाज द वॉयस’ की 15 सितंबर 2026 की रिपोर्ट तथा ANA Apparels की आधिकारिक वेबसाइट।
