लखनऊ। वरिष्ठ साहित्यकार रघोत्तम शुक्ल और टीवी पत्रकार शारदा शुक्ला को हाल ही में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा वर्ष 2020 का “भगवानदास” पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। दोनों रचनाकारों को ये पुरस्कार गीता सुधा संगम (GEETA SUDHA SANGAM) नामक पुस्तक पर दिया गया।
पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र एवं पचहत्तर हजार रुपये की बैंक ड्राफ्ट भेंट की गई। यह पुरस्कार वर्ष विशेष में “धर्म दर्शन”विधा में उत्कृष्ट सृजन करने हेतु रचनाकार को दिया जाता है। लेखक द्वय को यह उनकी संयुक्त कृति “गीता सुधा संगम” (GEETA SUDHA SANGAM) पर प्रदान किया गया है, जो श्रीमद्भगवद्गीता का मूल संस्कृत श्लोकों सहित,हिंदी व अंग्रेजी में पद्यानुवाद है।

इस क्रम में 19 दिसंबर 2021 को शांति कुटी, 45, लक्ष्मणपुरी, फैजाबाद रोड, लखनऊ में एक ‘सफलता काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में कवि, लेखक और पत्रकार एकत्र हुए। साथ ही काव्य पाठ और विचार विमर्श किया कि गीता के वैश्विक दर्शन को कैसे जन-जन तक पहुँचाया जाय?
जानिए क्या है भगवानदास पुरस्कार ?
भगवान दास पुरस्कार उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा दिया जाने वाला पुरस्कार है। इस पुरस्कार में प्रशस्ति-पत्र, अंग वस्त्र एवं पचहत्तर हजार रुपंए इनाम के रूप में दिए जाते हैं। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार वर्ष विशेष में “धर्म दर्शन”विधा में उत्कृष्ट सृजन करने के वास्ते रचनाकार को दिया जाता है।
बता दें कि लेखक रघोत्तम और शारदा को यह पुरस्कार उनकी संयुक्त रचना ‘गीता सुधा संगम” (GEETA SUDHA SANGAM) पर प्रदान किया गया है, जो श्रीमद्भगवद्गीता का मूल संस्कृत श्लोकों सहित, हिंदी व अंग्रेजी में पद्यानुवाद है।
वक्ताओं और काव्यपाठ करने वालों में श्री शुक्ल और शारदा के अलावा इतिहासकार डा. रवि भट्ट (डी.लिट), कनाडा की भारतीय मूल की कवयित्री नीरजा शुक्ला ”नीरू, अभिनेत्री पुनीता अवस्थी, आर्किटेक्ट विमल अवस्थी, इण्डोनेशिया से आईं रेडियो जॉकी अनामिका सिंह, सेवानिवृत ब्यूरोक्रेट ए एन सिंह, वरिष्ठ पत्रकार डा. हमीदुल्लाह सिद्दीकी, श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू मे ‘गीता की रूहानी ताकत’ नाम से भाष्य करने वाले शिक्षाविद सिदरतउल्लाह अंसारी, पत्रकार श्रीकृष्ण सिंह आदि प्रमुख थे।
गीता सुधा संगम (GEETA SUDHA SANGAM) को लेकर आयोजित कार्यक्रम का संचालन शारदा शुक्ला ने किया। इसके साथ ही प्रबन्धन व अभ्यागतों का आवभगत ‘शांति कुटी’ होम स्टे के स्वामी रमेश श्रीवास्तव ने किया।
