ऑफ़ बीट

अगर AMAN KABIR न होते तो, कोरोना संक्रमित मां का अंतिम संस्कार आसान नहीं था उस लड़की के लिए

वाराणसी,क़ौमी रिपोर्टर:काशी के अमन कबीर (AMAN KABIR) ने एक बार अपने नाम को सार्थक किया है।मंडलीय अस्पताल के कोविड वार्ड में कोरोना संक्रमित मां के निधन से बेहाल पूजा के लिए देवदूत बन गए अमन कबीर।पूजा की मां का अंतिम संस्कार ही नहीं कराया बल्कि आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ने दिया।
यह मामला है ग़ाज़ीपुर की रहने वाली छात्रा पूजा का।पिछले दिनों उनकी मां कोरोना संक्रमित हुई थीं।ज़िला अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर किया था।यहां पूजा अपने पिता के साथ मां का इलाज करा रही थीं।ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरने से आज उनकी मौत हो गई।अंजान शहर में कोरोना संक्रमित मां के अंतिम संस्कार का उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था।इसी दौरान किसी तरह अमन को इसकी जानकारी हुई।
अमन ने अस्पताल पहुंच कर न केवल मदद की बल्कि बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के उनकी मां के अंतिम संस्कार का पूरा इंतज़ाम किया।अमन कबीर कोरोना काल में तकरीबन सौ से ज़्यादा ऐसे लोगों का अब तक अंतिम संस्कार करा चुके हैं जिनका अपना कोई नहीं होता है।
अमन अपनी टीम के साथ पहुंच कर शव को उठाने से लेकर अंतिम संस्कार तक पूरे विधि विधान से सम्पन्न कराते हैं।अमन इसका कोई पैसा नहीं लेते।इस पर आने वाला खर्च वह एक रुपये की मुहिम से आये धन से करते हैं।वह हर व्यक्ति से इस काम के लिए एक रुपये लेते हैं जिसमे लोग सहर्ष बढ़ चढ़ कर योगदान करते हैं।
https://www.qaumireporter.com/news/2827

संबंधित पोस्ट

दुर्भाग्य से पिछले 1400 साल में बहुत कम देश हुए जहां मुसलमानों में मध्यम वर्ग का विकास हुआ

Qaumi Reporter

कब्रस्तान में तब्दील होते फेसबुक अकाउंट के बीच अभी भी नफरत के बोल ज़िंदा हैं

Qaumi Reporter

मोहम्मद गुफरान ने वेल्डिंग की दुकानों से सिलेंडर इकट्ठा किया और बचा ली तकरीबन पचास लोगों की जान

Qaumi Reporter

Leave a Comment