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Indian Minority: भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर अमेरिकी आयोग आहत, RAW पर भी बैन लगाने की मांग की

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Indian Minority: अमेरिकी आयोग USCIRF ने भारत में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से मुस्लिम और ईसाई समुदायों के खिलाफ भेदभाव और बुरे व्यवहार की गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने भारत की प्रमुख जासूसी एजेंसी, RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग), के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की सिफारिश भी की है। उनका आरोप है कि RAW सिख अलगाववादियों की हत्या में शामिल है, हालांकि इसे बेबुनियाद बताया गया है।

यह टिप्पणी भारत की आंतरिक राजनीति और सुरक्षा मामलों में अमेरिकी आयोग का हस्तक्षेप माना जा सकता है, जो भारतीय सरकार के लिए विवादास्पद हो सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सरकार की यह सिफारिश बाध्यकारी नहीं है, और इस बात की संभावना कम है कि ट्रंप सरकार RAW पर प्रतिबंध लगाएगी।

भारत की जासूसी एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) की भूमिका देश की सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने में महत्वपूर्ण है, और यह विशेष रूप से पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और चीन के मामलों में सक्रिय रहती है।

अमेरिका द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में इस तरह की टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाए हैं, खासकर अमेरिका के अपने प्रवासी और अल्पसंख्यक अधिकारों के रिकॉर्ड को देखते हुए।

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW)  भारत की प्रमुख विदेशी खुफिया एजेंसी है, जो भारतीय सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने में लगी रहती है. इसकी स्थापना साल 1968 में हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय हितों की रक्षा के लिए विदेशों में खुफिया जानकारी प्राप्त करना है. RAW आतंकवाद, बाहरी खतरों, और भारत की सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों पर निगरानी रखती है. यह विशेष रूप से पाकिस्तान, चीन और अन्य पड़ोसी देशों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाने में सक्रिय रहती है. RAW भारतीय विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े मामलों में खास भूमिका निभाती है.

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