ख़ास ख़बरताज़ा ख़बरराजनीतिविरासत

वैश्य समाज किसी पार्टी का बंधुआ मतदाता नहीं है: डॉ. सुमंत गुप्ता

रायबरेली के वैश्य महासम्मेलन में राजनीतिक भागीदारी और सम्मान का उठा मुद्दा, बोले नेता—समाज अपने हितों के आधार पर तय करेगा चुनावी रुख

रायबरेली, 27 अक्टूबर 2026।

उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वैश्य समाज की राजनीतिक भूमिका को लेकर सरगर्मी तेज होने लगी है। रायबरेली के रिफॉर्म क्लब में आयोजित वैश्य एकता परिषद के महासम्मेलन में समाज के नेताओं ने राजनीतिक भागीदारी, प्रतिनिधित्व और सम्मान का मुद्दा उठाते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि अब समाज किसी एक राजनीतिक दल के साथ बंधकर नहीं रहेगा। सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी में वैश्य समाज की कथित उपेक्षा को लेकर भी नाराजगी जाहिर की गई। नेताओं ने कहा कि आगामी चुनाव में समाज अपने हितों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के आधार पर निर्णय लेगा।

‘जिस पार्टी से मिलेगा सम्मान, समाज उसके साथ जाएगा’

वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज किसी राजनीतिक पार्टी का बंधुआ मतदाता नहीं है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के दौर में वैश्य समाज ने उस समय भी राजनीतिक संघर्ष में योगदान दिया, जब चुनावी जीत की संभावनाएं कम थीं। समाज के लोगों ने पार्टी को मजबूत करने के लिए चुनाव लड़ा और संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में वैश्य समाज को जिस तरह राजनीतिक रूप से उपेक्षित महसूस कराया जा रहा है, उससे समाज में नाराजगी बढ़ रही है। अब समाज उसी राजनीतिक दल का समर्थन करेगा, जो उसे उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व देगा। उन्होंने कहा कि टिकट और राजनीतिक भागीदारी के माध्यम से सम्मान देने वाले दल के साथ जाने का निर्णय समाज अपने हितों को ध्यान में रखकर करेगा।

भाजपा नेतृत्व पर लगाया उपेक्षा का आरोप

डॉ. सुमंत गुप्ता ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर वैश्य समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधान परिषद में समाज को टिकट नहीं दिया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की वैश्य बहुल विधानसभा सीटों पर भी समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की बात उठाई गई।

उन्होंने कहा कि अब वैश्य समाज भी अन्य सामाजिक वर्गों की तरह अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देगा। आगामी विधानसभा चुनाव में समाज की भूमिका क्या होगी, इसका निर्णय राजनीतिक दलों के रुख और समाज को मिलने वाले सम्मान के आधार पर किया जाएगा।

‘2027 के चुनाव में तय होगी समाज की भूमिका’

परिषद के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर विजय रस्तोगी ने कहा कि इस महासम्मेलन का उद्देश्य समाज को एकजुट कर आगामी विधानसभा चुनाव में उसकी राजनीतिक भूमिका पर विचार करना है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से समाज के लोगों के विचार सामने आएंगे और आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी।

महाराजगंज नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रभात साहू ने कहा कि आर्थिक रूप से देश और समाज को मजबूत करने में वैश्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद यदि राजनीतिक दल समाज की अपेक्षाओं और प्रतिनिधित्व की मांग की अनदेखी करते हैं, तो इसका राजनीतिक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अब समाज अपने हितों के लिए एकजुट होकर अपनी भूमिका निर्धारित करने के लिए तैयार है।

कई दलों से जुड़े वैश्य नेता हुए शामिल

रायबरेली के रिफॉर्म क्लब में आयोजित इस महासम्मेलन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े वैश्य समाज के नेता शामिल हुए। मंच पर जिले की नगर पंचायतों के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

सम्मेलन में विनोद कौशल, सरिता साहू के प्रतिनिधि प्रभात साहू, लालगंज नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता गुप्ता, ऊंचाहार नगर पंचायत अध्यक्ष ममता जायसवाल और फतेहपुर के विधायक विकास गुप्ता सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

परिषद के जिला अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि आगामी चुनाव में जिले का राजनीतिक माहौल अलग नजर आ सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि वैश्य समाज की एकजुटता और राजनीतिक निर्णय कई दलों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

समाज की एकजुटता पर दिया जोर

महासम्मेलन में आरबी वैश्य, फूलचंद्र अग्रहरि, अग्रहरि समाज के जिला अध्यक्ष राजेंद्र वैश्य, उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अतुल गुप्ता, दीपेंद्र गुप्ता, चेयरमैन प्रतिनिधि कृष्ण चंद्र जायसवाल, अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. जेके गुप्ता, वीरेंद्र कुमार अग्रहरी, सुधीर गुप्ता, आलोक गुप्ता एडवोकेट और शिवसागर अग्रहरि सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

महासम्मेलन में उठे मुद्दों से स्पष्ट है कि वैश्य एकता परिषद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाज की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व को प्रमुख मुद्दा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, समाज का अंतिम चुनावी रुख क्या होगा, यह आने वाले समय में राजनीतिक दलों के रुख और समाज के भीतर होने वाले विचार-विमर्श से स्पष्ट होगा।

संबंधित पोस्ट

पंचायत इलेक्शन का नोटिफिकेशन जारी, चार स्टेजों में कराई जाएगी वोटिंग

Qaumi Reporter

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने किया स्वगणना कैंप का उद्घाटन

Qaumi Reporter

सुंदरकाण्ड पाठ से भक्तिमय हुआ वातावरण, प्रसाद वितरण में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Qaumi Reporter

Leave a Comment