अन्तर्राष्ट्रीयराष्ट्रीय

Tahawwur Rana Extradition India: तहव्वुर राणा को मिल सकती है मौत की सजा, अमेरिका ने नहीं लगाई है रोक?

मुंबई आतंकी हमले (26/11) के एक प्रमुख आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को गुरुवार को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया।

Tahawwur Rana Extradition India: मुंबई आतंकी हमले (26/11) के एक प्रमुख आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को गुरुवार को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। अब राणा पर देशद्रोह, आतंकवाद और हत्या जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा, जिनमें अधिकतम सजा मृत्युदंड तक हो सकती है।

राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण और कानूनी प्रक्रिया

तहव्वुर राणा की प्रत्यर्पण प्रक्रिया कई सालों से चल रही थी। अंततः अमेरिकी अदालतों की अनुमति के बाद उसे भारत भेजा गया। इस दौरान भारत और अमेरिका दोनों ने यह स्पष्ट किया कि राणा को संभावित सजा में मृत्युदंड शामिल हो सकता है और अमेरिका ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, राणा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध), 121-ए (युद्ध की साजिश), 302 (हत्या), 468 और 471 (जालसाजी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही UAPA की धारा 18 और 20 (आतंकी गतिविधियों में शामिल होना) भी लगाई गई हैं।

भारत ने दी सुरक्षा और मानवाधिकारों की गारंटी

भारत सरकार ने अमेरिका को आश्वस्त किया है कि तहव्वुर राणा को भारत में हिरासत के दौरान पूरी सुरक्षा दी जाएगी और उसके साथ कोई अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार नहीं किया जाएगा।
2005 में जब अबू सलेम का प्रत्यर्पण हुआ था, तब भारत ने पुर्तगाल को मौत की सजा न देने की गारंटी दी थी। लेकिन राणा के मामले में ऐसी कोई शर्त लागू नहीं की गई है।

कौन है तहव्वुर राणा?

तहव्वुर हुसैन राणा का जन्म 1961 में पाकिस्तान में हुआ था। वह पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के पद पर (कैप्टन रैंक) कार्यरत रह चुका है। बाद में उसने कनाडा की नागरिकता ले ली और अमेरिका के शिकागो में जाकर “इमिग्रेशन लॉ सेंटर” नाम से व्यवसाय शुरू किया।

राणा और डेविड कोलमैन हेडली की दोस्ती पाकिस्तान के एक मिलिट्री बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। हेडली वही व्यक्ति है जिसने मुंबई हमले की योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अदालती दस्तावेजों में बड़ा खुलासा

अमेरिकी अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, राणा ने न केवल डेविड हेडली और अन्य आतंकियों को आर्थिक और लॉजिस्टिक सहायता दी, बल्कि वह पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के आकाओं के संपर्क में भी लगातार बना रहा। यह भूमिका उसे केवल एक सहायक नहीं, बल्कि इस साजिश का अहम हिस्सा बनाती है।

आगे की प्रक्रिया क्या होगी?

अब जब राणा भारत में है, तो NIA उसकी विस्तृत पूछताछ करेगी और मामले में चार्जशीट दायर कर अदालत में सुनवाई शुरू की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि राणा से मिली जानकारी से पाकिस्तान स्थित आतंक नेटवर्क की जड़ें और स्पष्ट हो सकती हैं।

संबंधित पोस्ट

एग्ज़िट पोल पर इतराने की ज़रूरत नहीं, पिछले तजुर्बे बहुत अच्छे नहीं रहे हैं

Qaumi Reporter

वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास: 288 पक्ष में, विपक्ष में पड़े 232 वोट

Qaumi Reporter

Amit Shah on West Bengal: शाह का छलका दर्द, बोले- अब सिर्फ पश्चिम बंगाल, वहां भी कमल खिलेगा

Qaumi Reporter

Leave a Comment