जौनपुर,मोहम्मद अब्बास, क़ौमी रिपोर्टर: जौनपुर में पुलिस ने वह काम किया है जिसके लिए सैकड़ों सैल्यूट भी कम हैं।यहां एक वृद्धा की कोरोना संक्रमण से हुई मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के लिए पड़ोसियों ने कांधा नहीं दिया। आखिरकार वृद्ध पति अकेले ही उसे साइकिल के डंडे में फंसा कर अंतिम संस्कार के लिए निकल पड़ा।
घाट पर अंतिम संस्कार करने ही वाला था कि आसपास के लोगों ने उसे रोक दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस को जब पूरा मामला पता चला तो न केवल रोक लगाने वालों को फटकार लगाई बल्कि वृद्धा के शव को वापस घर लेकर गई।वहां ससम्मान पुलिस ने उसके कफ़न का इंतज़ाम किया।बाकायदा उसकी अंतिम यात्रा पुलिस खुद लेकर गई और अपनी निगरानी में अंतिम संस्कार किया।
मामला मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के अम्बरपुर गांव का है।
यहां के निवासी तिलकधारी सिंह की पत्नी राजकुमारी देवी की तबियत खराब हो गई थी।पति अपनी पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुचा था।वहां उसकी मौत हो गई।पत्नी की मौत होने के बाद जब पति शव लेकर घर पहुचा तो ग्रामीण नेे कोरोना के डर से मुह मोड़ते हुए मानवता को कलंकित कर दिया।
शव की स्थिति खराब होती देख पति ने शव जलाने का संकल्प लेकर पत्नी के मृत शरीर को साइकिल पर लादकर अकेला नदी के किनारे दाह संस्कार करने के लिए चल पड़ा। अभी नदी के किनारे चिता भी नहीं लगी थी कि गांव के अंधविश्वासी लोगों ने पहुंचकर मानवता को तार-तार करते हुए शव जलाने से रोक दिया।
सूचना मड़ियाहूं कोतवाल इंस्पेक्टर मुन्ना राम धुसियां को मिली तो वह गांव पहुंचकर शव को वापस घर लाए और कफन समेत दाह संस्कार का सामान मंगवाकर शव को पूरे रीति रस्म के साथ जौनपुर स्थित रामघाट पर शव का अंतिम संस्कार के लिए पुलिस की देखरेख में भेजवाया।
जिसके बाद लोग पुलिस की इस दरियादिली की सराहना करते नही थक रहे है।सीओ एम पी उपाध्याय ने बताया कि महिला की मौत जिला अस्पताल में हुई थी और एम्बुलेंस से शव आया था औऱ कोरोना के चलते कोई छूने को तैयार नही थे।जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुचकर अंतिम संस्कार कराया।
