देवबंद,क़ौमी रिपोर्टर: उत्तर प्रदेश हुकूमत में मिनिस्टर आनंद स्वरूप शुक्ला के बुर्के पर पाबंदी वाले बयान पर ओलेमा ने सख्त रद्दे अमल का इज़हार किया है। मिनिस्टर के बयान का जवाब देते हुए जमीयत दावतुल मुस्लमीन के सरबराह मशहूर आलिम इमाम मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने इसकी मज़म्मत करते हुए कहा कि सूबे का मिनिस्टर माननीय होता है और ऐसे ज़िम्मेदार ओहदे पर बैठे शख्स को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए।
वाज़ेह रहे कि सूबाई सरकार के मिनिस्टर आनंद स्वरूप शुक्ला ने मुस्लिम औरतों के बुर्का पहनने को लेकर एक मुुत्नाज़ा बयान दिया है।मिनिस्टर ने कहा औरतों के बुर्का लगाने की रवायत को लेकर मेरी निजी राय है कि उनके साथ ग़ैर इंसानी अमल अंजाम दिया जा रहा है।
सरकार ने जैसे तीन तलाक की बुराई को ख़त्म किया है वैसे ही बुर्के पर भी पाबंदी लगाए। उन्होंने कहा कि यह एक खास मानसिकता है,वह हावी न रहे, इसके लिए यहां भी बुर्का खत्म होना चाहिए।शुक्ला के इस बयान की चारों तरफ मज़म्मत की जा रही है। ओलेमा ने भी मंत्री के इस बयान कि मज़म्मत करते हुए शुक्ला से मतालबा किया है कि वह बयान वापस लेकर माफी मांगें।
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम इमाम मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने शुक्ला के बयान की मज़म्मत करते हुए कहा,प्रदेश का मंत्री माननीय होता है परन्तु ऐसे ज़िम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। इसमें कोई शक नहीं शुक्ला का यह बयान धर्मिक भवनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है। गोरा ने कहा कि मंत्री को सूबे के विकास और अच्छे कार्य की बातें करनी चाहिए।बिना कुछ जाने, समझे किसी के धर्म में दख़लअंदाजी नहीं करनी चाहिए।
गोरा ने कहा कि अगर किसी को पर्दे से तकलीफ़ दिखती है तो उनको समझ लेना चाहिए इस्लाम की नज़र में महिलायें बहुत ऐहमियत रखती हैं और क़ीमती हैं। मौलाना ने कहा हर क़ीमती अशिया और इंसान को ढाँककर रखा जाता है।इसीलिए महिलाओं को पर्दे का हुकुम दिया गया है। गोरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माँग की है कि मंत्री शुक्ला के बयान पर कार्रवाई करें।
